गुदा विदर (Fissure in ano) क्या है?
गुदा विदर का मतलब है गुदा (शौच करने वाली जगह) के रास्ते की त्वचा में एक छोटा सा चीरा या दरार पड़ जाना। यह अक्सर तब होता है जब मल त्याग (पॉटी) करते समय बहुत ज़्यादा जोर लगाना पड़ता है, खासकर जब कब्ज़ होती है और मल बहुत कड़ा होता है।यह एक बहुत ही आम समस्या है और किसी को भी हो सकती है।
गुदा विदर के मुख्य कारण:
* कब्ज़ (Constipation): यह सबसे बड़ा कारण है। जब मल सख्त होता है, तो उसे बाहर निकालने में ज़ोर लगता है, जिससे गुदा की नाज़ुक त्वचा फट जाती है।
* दस्त (Diarrhea): लगातार दस्त होने से भी गुदा के आसपास की त्वचा में जलन और खिंचाव हो सकता है, जिससे दरार पड़ सकती है।
* शौच के दौरान ज़ोर लगाना (Straining): अगर आपको शौच करते समय बहुत ज़्यादा ज़ोर लगाना पड़ता है, तो यह भी एक कारण बन सकता है।
* कम फाइबर वाला भोजन (Low Fiber Diet): अगर आप अपने खाने में पर्याप्त फाइबर नहीं लेते हैं, तो मल सख्त हो सकता है।
* पानी कम पीना (Less Water Intake): पानी कम पीने से भी कब्ज़ हो सकती है।
गुदा विदर के लक्षण:
* तेज़ दर्द: शौच करते समय और उसके बाद कुछ घंटों तक बहुत तेज़, चुभने वाला दर्द होता है।
* ख़ून आना: लाल रंग का ख़ून मल पर दिखाई दे सकता है।
* जलन और खुजली: गुदा के आसपास जलन और खुजली महसूस हो सकती है।
* गांठ: कभी-कभी इस दरार के पास एक छोटी सी गांठ (जिसे गार्ड पाइल कहते हैं) बन जाती है।
इसका इलाज कैसे होता है?
ज़्यादातर गुदा विदर बिना सर्जरी के ठीक हो जाते हैं, खासकर अगर उनका समय पर इलाज किया जाए:
* कब्ज़ से बचें: अपने खाने में फाइबर वाली चीज़ें (जैसे फल, सब्ज़ियां, साबुत अनाज) ज़्यादा शामिल करें।
*खूब पानी पिएं।
* डॉक्टर की सलाह से मल को नरम करने वाली दवाएं (स्टूल सॉफ्टनर) ले सकते हैं।
* सिकाई करें: गुनगुने पानी में (जिसे सिट्ज़ बाथ कहते हैं) 5 मिनट तक दिन में 2-3 बार बैठें। इससे दर्द कम होता है और ज़ख्म जल्दी भरता है।
* दवाएं: डॉक्टर कुछ क्रीम या मरहम दे सकते हैं जो दर्द को कम करते हैं और गुदा की मांसपेशियों को आराम देते हैं, जिससे ज़ख्म ठीक होने में मदद मिलती है।
* सर्जरी: अगर बाकी इलाज काम नहीं करते, या समस्या बार-बार होती है, तो डॉक्टर छोटी सी सर्जरी (ऑपरेशन) की सलाह दे सकते हैं। इसमें गुदा की मांसपेशियों के छोटे से हिस्से को ढीला किया जाता है ताकि दबाव कम हो और घाव ठीक हो सके।