सिगरेट और बीड़ी, दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक हैं और इनके सेवन से शरीर को कई तरह के गंभीर नुकसान होते हैं। इनमें निकोटीन और हजारों अन्य जहरीले रसायन होते हैं, जिनमें से 70 से अधिक कैंसर पैदा करने वाले (कार्सिनोजन) होते हैं।
कैंसर:
• फेफड़ों का कैंसर: यह सबसे आम और जानलेवा कैंसर है जो धूम्रपान से होता है।
• मुंह, गले और अन्नप्रणाली का कैंसर: बीड़ी में फिल्टर नहीं होता और इसे बार-बार खींचना पड़ता है, जिससे मुंह और गले में तंबाकू का धुआं सीधे संपर्क में आता है, जिससे इन कैंसर का खतरा बहुत बढ़ जाता है।
• लीवर, किडनी, पेट, अग्नाशय और मूत्राशय का कैंसर: धूम्रपान शरीर के लगभग हर अंग को प्रभावित करता है, जिससे इन अंगों में भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
फेफड़ों से जुड़ी बीमारियाँ:
• क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD): इसमें क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस (लगातार खांसी और बलगम) और एम्फीसेमा (फेफड़ों की हवा की थैलियों का नष्ट होना) शामिल हैं, जिससे सांस लेने में गंभीर दिक्कत होती है।
• अस्थमा: धूम्रपान अस्थमा के लक्षणों को बढ़ाता है और नए अस्थमा का कारण बन सकता है।
• निमोनिया और टीबी: धूम्रपान से फेफड़े कमजोर होते हैं और इन संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है
हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियाँ:
• हार्ट अटैक और स्ट्रोक: धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को संकरा करता है, रक्तचाप बढ़ाता है, और रक्त के थक्के जमने का खतरा बढ़ाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
• पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD): इसमें पैरों और हाथों की रक्त वाहिकाएं संकरी हो जाती हैं, जिससे दर्द और गैंग्रीन का खतरा होता है।
दिमाग पर असर:
• स्ट्रोक: दिमाग में रक्त की आपूर्ति बाधित होने से स्ट्रोक हो सकता है।
• याददाश्त कमजोर होना: धूम्रपान से ब्रेन सेल्स को