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पेट में पानी भरना (Ascites aur Pet me Pani)

पेट में पानी भरना, जिसे डॉक्टरी भाषा में एसाइटिस (Ascites) कहते हैं, एक ऐसी स्थिति है जहाँ आपके पेट की कैविटी (पेट की खाली जगह) में तरल पदार्थ (पानी) जमा हो जाता है। यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि अक्सर किसी गंभीर अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या का लक्षण है, खासकर लिवर से जुड़ी बीमारियों का।

पेट में पानी क्यों भरता है?

पेट में पानी भरने का सबसे आम कारण लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) है। जब लिवर सिरोसिस के कारण गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाता है और उस पर निशान पड़ जाते हैं, तो वह ठीक से काम नहीं कर पाता। इससे कई चीजें होती हैं जो पेट में पानी जमा होने का कारण बनती हैं:

  1. पोर्टल हाइपरटेंशन (Portal Hypertension): लिवर में निशान पड़ने से लिवर से होकर गुजरने वाली खून की नलियों (पोर्टल वेन) में दबाव बढ़ जाता है। इस बढ़े हुए दबाव के कारण नसों से तरल पदार्थ रिसकर पेट में जमा होने लगता है।
  2. एल्ब्यूमिन का कम उत्पादन: स्वस्थ लिवर एल्ब्यूमिन नामक एक महत्वपूर्ण प्रोटीन बनाता है, जो खून में पानी को बनाए रखने में मदद करता है। जब लिवर खराब होता है, तो वह पर्याप्त एल्ब्यूमिन नहीं बना पाता, जिससे खून से तरल पदार्थ बाहर निकलकर पेट में जमा हो जाता है।
  3. किडनी की कार्यप्रणाली में बदलाव: लिवर की बीमारी के कारण किडनी भी प्रभावित हो सकती है, जिससे शरीर में सोडियम और पानी का संतुलन बिगड़ जाता है और द्रव प्रतिधारण (fluid retention) होता है।

लिवर सिरोसिस के अलावा, पेट में पानी भरने के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं:

  • कैंसर: पेट या शरीर के अन्य हिस्सों में कैंसर, खासकर अग्नाशय (Pancreas), पेट, अंडाशय (Ovary) या बड़ी आंत का कैंसर, जिससे पेट में तरल पदार्थ बनता है।
  • हृदय गति रुकना (Heart Failure): जब दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पाता, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा हो सकता है, जिसमें पेट भी शामिल है।
  • किडनी फेलियर (Kidney Failure): किडनी के ठीक से काम न करने पर शरीर में पानी और सोडियम जमा हो जाता है।
  • पैंक्रियाटाइटिस (Pancreatitis): अग्नाशय की गंभीर सूजन भी पेट में द्रव जमा होने का कारण बन सकती है।
  • टीबी (Tuberculosis): कुछ मामलों में, पेट की टीबी भी एसाइटिस का कारण बन सकती है।

पेट में पानी भरने के लक्षण

शुरुआत में, अगर पानी कम मात्रा में है, तो कोई खास लक्षण नहीं दिख सकते। लेकिन जैसे-जैसे पानी बढ़ता है, लक्षण साफ होते जाते हैं:

  • पेट का फूलना और बड़ा दिखना: यह सबसे प्रमुख लक्षण है।
  • पेट में भारीपन या दबाव महसूस होना: पेट भरा-भरा या तनावपूर्ण लग सकता है।
  • पेट में दर्द या असहजता: पानी के दबाव के कारण दर्द हो सकता है।
  • साँस लेने में दिक्कत: अगर पानी फेफड़ों पर दबाव डाल रहा है, तो साँस लेने में तकलीफ हो सकती है।
  • कमर का बढ़ना: कपड़े ढीले लगने की बजाय टाइट हो सकते हैं।
  • पैरों और टखनों में सूजन: शरीर में अन्य जगह भी तरल पदार्थ जमा हो सकता है।
  • भूख कम लगना: पेट भरा हुआ महसूस होने के कारण।
  • थकान।

निदान और उपचार

अगर आपको पेट में पानी भरने के कोई लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बहुत ज़रूरी है। डॉक्टर शारीरिक जाँच करेंगे और पुष्टि के लिए कुछ टेस्ट करवा सकते हैं, जैसे:

  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound): पेट में पानी की उपस्थिति की पुष्टि करने के लिए।
  • सीटी स्कैन (CT Scan) या एमआरआई (MRI): लिवर और अन्य अंगों की स्थिति देखने के लिए।
  • रक्त परीक्षण (Blood Tests): लिवर और किडनी के कार्य की जाँच करने के लिए।
  • एसाइटिक फ्लूइड एनालिसिस (Ascitic Fluid Analysis): पेट से थोड़ा तरल पदार्थ निकालकर जाँच की जाती है ताकि कारण का पता चल सके (जैसे संक्रमण या कैंसर)।

उपचार पेट में पानी भरने के अंतर्निहित कारण पर निर्भर करता है:

  • मूत्रवर्धक दवाएं (Diuretics): ये दवाएं शरीर से अतिरिक्त पानी और सोडियम को बाहर निकालने में मदद करती हैं।
  • सोडियम का सेवन कम करना: नमक का कम सेवन करने से शरीर में पानी जमा होने से रोकने में मदद मिलती है।
  • पैरासेंटेसिस (Paracentesis): अगर बहुत ज्यादा पानी जमा हो गया है और इससे असहजता या साँस लेने में दिक्कत हो रही है, तो डॉक्टर सुई डालकर पेट से पानी निकाल सकते हैं।
  • अंतर्निहित बीमारी का इलाज: अगर कारण लिवर सिरोसिस है, तो उसका प्रबंधन किया जाता है; अगर कैंसर है, तो उसका उपचार किया जाता है।
  • लिवर प्रत्यारोपण (Liver Transplant): गंभीर सिरोसिस के मामलों में, यह एक विकल्प हो सकता है।

पेट में पानी भरना एक गंभीर संकेत है और इसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर निदान और सही उपचार से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

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